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संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ में हो रही है बाधा, तो करें ये अचूक उपाय-
पति-पतà¥à¤¨à¥€ की यह पà¥à¤°à¤¬à¤² कामना होती है कि उनके à¤à¤• योगà¥à¤¯ संतान उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जिससे उनका वंश आगे बढे और वह उमà¥à¤° के आखरी पड़ाव में उनका सहारा बने, अचà¥à¤›à¤¾ à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ समान रूप से सबको पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं होता कà¥à¤› लोगो को सरलता से संतान की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ या संतान सà¥à¤– मिल जाता है तो कà¥à¤› लोगों को बाधाओं के बाद या विलमà¥à¤¬ से संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हो पाती है, | संतान | यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ शबà¥à¤¦ है जिसका महतà¥à¤µ माता-पिता से अधिक न कोई समठसकता है और न ही इस à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ को समà¤à¤¾ सकता है। संतान पाने की खà¥à¤¶à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ कर पाना उस माता-पिता के लिठà¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल है जो हाल ही में इस खूबसूरत पल के हकदार बने हैं, कहते हैं संतान देना और न देना, दोनों ही ईशà¥à¤µà¤° के हाथ है।
à¤à¤—वान की इचà¥à¤›à¤¾ हो तà¤à¥€ संतान सà¥à¤– पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है। किंतॠसंतान होगी या नहीं और संतान में कà¥à¤¯à¤¾ मिलेगा, इसके बारे में जाना जरूर जा सकता है। इस विषय में जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤· शासà¥à¤¤à¥à¤° हमारी मदद करता है। दरअसल जनà¥à¤® के समय के हिसाब से गà¥à¤°à¤¹à¥‹à¤‚ और नकà¥à¤·à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ की गणना करने के बाद जो जनà¥à¤®à¤•à¥à¤‚डली तैयार की जाती है, उसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ विशेष से जà¥à¥œà¥€ सारी जानकारी होती है। उसका सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ, उसका जीवन कैसा रहेगा और उसे उसका à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ कà¥à¤¯à¤¾ दे सकता है, इसकी जानकारी हमें कà¥à¤‚डली के माधà¥à¤¯à¤® से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होती है। बस जरूरत है तो à¤à¤• अचà¥à¤›à¥‡ जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¥€ की जो सही गणना कर सटीक जानकारी पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सके। यदि जनà¥à¤® कà¥à¤£à¥à¤¡à¤²à¥€ में | संतान योग | हो, तà¤à¥€ संतान की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है। लेकिन संतान के रूप में पà¥à¤¤à¥à¤° होगा या पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ मिलेगी, इसकी जानकारी à¤à¥€ कà¥à¤£à¥à¤¡à¤²à¥€ में उस समय पर मौजूद गà¥à¤°à¤¹-नकà¥à¤·à¤¤à¥à¤° बता सकते हैं। वासà¥à¤¤à¤µ में इसके पीछे हमारी जनà¥à¤®à¤•à¥à¤‚डली में बनी गà¥à¤°à¤¹à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की बड़ी महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका होती है, आज के आधà¥à¤¨à¤¿à¤• काल में लोग पà¥à¤¤à¥à¤° और पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ में फरà¥à¤• नहीं करते और यह सही à¤à¥€ है। हमारे शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ पà¥à¤¤à¥à¤° à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ दोनों को समान दरà¥à¤œà¤¾ दिया गया है। पà¥à¤¤à¥à¤° के संदरà¥à¤ में यह कहा जाता है कि जिस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पà¥à¤¤à¥à¤° होता है, उसके पितृ उससे पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ रहते हैं और इससे वंश परमà¥à¤ªà¤°à¤¾ à¤à¥€ आगे बà¥à¤¤à¥€ है| बृहतà¥à¤ªà¤°à¤¾à¤¶à¤° होराशासà¥à¤¤à¥à¤° में कहा गया है–
“अपà¥à¤¤à¥à¤°à¤¸à¥à¤¯ गति नासà¥à¤¤à¤¿ शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‡à¤·à¥ शà¥à¤°à¥à¤¯à¤¤à¥‡ मà¥à¤¨à¥‡â€ अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ पà¥à¤¤à¥à¤°à¤¹à¥€à¤¨ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सदà¥à¤—ति नहीं मिलती। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपने पितृगणों को पà¥à¤¤à¥à¤° ऋण चà¥à¤•ाà¤, यह आवशà¥à¤¯à¤• माना गया है। दूसरी ओर पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ मां लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€ का रूप मानी गई है। जिस घर में कनà¥à¤¯à¤¾ का जनà¥à¤® होता है, उस घर में माठलकà¥à¤·à¥à¤®à¥€ का वास होता है, वहां खà¥à¤¶à¤¹à¤¾à¤²à¥€ सदा बनी रहती है, और à¤à¤¸à¤¾ घर सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ धन से à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† रहता है। किंतॠजिस घर में पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के आने पर रोक लगा दी जाà¤, आने के बाद उसे अपनाया ना जाठया उसका आना अचà¥à¤›à¤¾ न समà¤à¤¾ जाये, à¤à¤¸à¥‡ घर में मां लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€ कà¤à¥€ वास नहीं करती। à¤à¤¸à¥‡ परिवार का पतन होना निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ होता है।
जनà¥à¤® कà¥à¤‚डली से संतान बाधा विचार -
जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤· के पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ फलित गà¥à¤°à¤‚थों में संतान सà¥à¤– के विषय पर बड़ी गहनता से विचार किया गया है| à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ में संतान सà¥à¤– है या नहीं, पà¥à¤¤à¥à¤° होगा या पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€, संतान कैसी निकलेगी, संतान सà¥à¤– कब मिलेगा और संतान सà¥à¤– पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ में कà¥à¤¯à¤¾ बाधाà¤à¤‚ हैं और उनका कà¥à¤¯à¤¾ उपचार है, इन सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨à¥‹à¤‚ का उतà¥à¤¤à¤° पति और पतà¥à¤¨à¥€ की जनà¥à¤® कà¥à¤‚डली के विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ गहन अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ व विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो सकता है|
संतति सà¥à¤– के लिठकà¥à¤‚डली के पंचम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨, पंचमेश, पंचम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर शà¥à¤à¤¾à¤¶à¥à¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ व बृहसà¥à¤ªà¤¤à¤¿ का विचार मà¥à¤–à¥â€à¤¯à¤¤: किया जाता है। जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤· के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मेष, मिथà¥à¤¨, सिंह, कनà¥à¤¯à¤¾ ये राशियाठअलà¥à¤ª पà¥à¤°à¤¸à¤µ राशियाठहैं। वृषà¤, करà¥à¤•, वृशà¥à¤šà¤¿à¤•, धनà¥, मीन ये बहà¥à¤ªà¥à¤°à¤¸à¤µ राशियाठहैं।
जब लगà¥à¤¨ à¤à¤µà¤® चंदà¥à¤°à¤®à¤¾ से पंचम à¤à¤¾à¤µ में निरà¥à¤¬à¤² पाप गà¥à¤°à¤¹ असà¥à¤¤ ,शतà¥à¤°à¥, नीच राशि नवांश में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हों ,पंचम à¤à¤¾à¤µ पाप करà¥à¤¤à¤°à¥€ योग से पीड़ित हो, पंचमेश और गà¥à¤°à¥ असà¥à¤¤, शतà¥à¤°à¥, नीच राशि नवांश में लगà¥à¤¨ से 6,8 12 वें à¤à¤¾à¤µ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हों, गà¥à¤°à¥ से पंचम में पाप गà¥à¤°à¤¹ हो, षषà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶ अषà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤¶ या दà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¶à¥‡à¤¶ का समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ पंचम à¤à¤¾à¤µ या उसके सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ से होता हो,
सपà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤‚श लगà¥à¤¨ का सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ जनà¥à¤® कà¥à¤‚डली में 6,8 12 वें à¤à¤¾à¤µ में असà¥à¤¤, शतà¥à¤°à¥, नीच राशि नवांश में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हों तो संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ में बाधा होती है| जितने अधिक कà¥à¤¯à¥‹à¤— होंगे उतनी ही अधिक कठिनाई संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ में होगी|
पांचवें या सातवें सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में सूरà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ राहू à¤à¤• साथ हों। पांचवें à¤à¤¾à¤µ का सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ बारहवें सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में व बारहवें सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ का सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ पांचवें à¤à¤¾à¤µ में बैठा हो और इनमें से कोई à¤à¥€ पाप गà¥à¤°à¤¹ की पूरà¥à¤£ दृषà¥à¤Ÿà¤¿ में हो।
पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‡à¤¶ पाप गà¥à¤°à¤¹à¥‹à¤‚ के मधà¥à¤¯ हो तथा पà¥à¤¤à¥à¤° सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर पाप गà¥à¤°à¤¹ हो ,शà¥à¤ गà¥à¤°à¤¹ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ न हो तो संतान सà¥à¤– बाधित होता है।
आठवें सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में शà¥à¤ गà¥à¤°à¤¹ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हो साथ ही पांचवें तथा गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¹à¤µà¥‡à¤‚ घर में पापगà¥à¤°à¤¹ हों। सपà¥à¤¤à¤® सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में मंगल-शनि का योग हो और पांचवें सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ का सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ तà¥à¤°à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में बैठा हो।
पंचम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में मेष या वृशà¥à¤šà¤¿à¤• राशि हो और उसमें राहू की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ हो या राहू पर मंगल की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ हो। शनि यदि पंचम à¤à¤¾à¤µ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हो और चंदà¥à¤°à¤®à¤¾ की पूरà¥à¤£ दृषà¥à¤Ÿà¤¿ में हो और पंचम à¤à¤¾à¤µ का सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ राहू के साथ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हो।
मंगल दूसरे à¤à¤¾à¤µ में, शनि तीसरे à¤à¤¾à¤µ में तथा गà¥à¤°à¥ नवम या पंचम à¤à¤¾à¤µ में हो तो पà¥à¤¤à¥à¤° संतान का अà¤à¤¾à¤µ होता है। यदि गà¥à¤°à¥-राहू की यà¥à¤¤à¤¿ हो। पंचम à¤à¤¾à¤µ का सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ कमजोर हो à¤à¤µà¤‚ लगà¥à¤¨ का सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ मंगल के साथ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हो अथवा लगà¥à¤¨ में राहू हो, गà¥à¤°à¥ साथ में हो और पांचवें à¤à¤¾à¤µ का सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ तà¥à¤°à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में चला गया हो।
| | à¤à¥‚नंदनों नंदनà¤à¤¾à¤µà¤¯à¤¾à¤¤à¥‹ जातं च जातं तनयं निहनà¥à¤¤à¤¿à¥¤
दृषà¥à¤Ÿà¥‡ यदा चितà¥à¤° शिखणà¥à¤¡à¤¿à¤œà¥‡à¤¨ à¤à¥ƒà¤—ो: सà¥à¤¤à¥‡à¤¨ पà¥à¤°à¤¥à¤®à¥‹à¤ªà¤¨à¥à¤¨à¤®à¥à¥¤à¥¤ | |
पंचम à¤à¤¾à¤µ में केवल मंगल का योग हो तो संतान बार-बार होकर मर जाती है। यदि गà¥à¤°à¥ या शà¥à¤•à¥à¤° की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ हो तो केवल à¤à¤• संतति नषà¥à¤Ÿ होती है और अनà¥à¤¯ संतति जीवित रहती है।
गà¥à¤°à¥ के अषà¥à¤Ÿà¤• वरà¥à¤— में गà¥à¤°à¥ से पंचम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ शà¥à¤ बिंदॠसे रहित हो तो संतानहीनता होती है|
सपà¥à¤¤à¤®à¥‡à¤¶ निरà¥à¤¬à¤² हो कर पंचम à¤à¤¾à¤µ में हो तो संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ में बाधा होती है|
पंचम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में पाप गà¥à¤°à¤¹ हो तो संतति सà¥à¤– में बाधा आती है।
पंचमेश यदि 6, 8,12 में हो या 6, 8,12 के सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ पंचम में हो तो संतान सà¥à¤– बाधित होता है।
गà¥à¤°à¥ ,लगà¥à¤¨à¥‡à¤¶ ,पंचमेश ,सपà¥à¤¤à¤®à¥‡à¤¶ चारों ही बलहीन हों तो अनà¥à¤ªà¤¤à¤¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ होती है|
पंचमेश अशà¥à¤ नकà¥à¤·à¤¤à¥à¤° में हो तो संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ में विलंब होता है।
पंचम का राहॠपहली संतान के लिठअशà¥à¤ होता है।
गà¥à¤°à¥ ,लगà¥à¤¨ व चनà¥à¤¦à¥à¤° से पांचवें सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर पाप गà¥à¤°à¤¹ हों तो अनà¥à¤ªà¤¤à¤¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ होती है|
लगà¥à¤¨ पर पाप पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हो तो संतति विलंब से होती है।
सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ की कà¥à¤‚डली में लगà¥à¤¨ पंचम, सपà¥à¤¤à¤®, या लाठमें शनि हो तो संतान देर से होती है।
सूरà¥à¤¯-शनि यà¥à¤¤à¤¿ संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ में विलंब और संतान से मतà¤à¥‡à¤¦ दिखाती है।
पंचम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर पापगà¥à¤°à¤¹à¥‹à¤‚ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ में विलंब कराती है।
संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के उपाय–
यदि पति व पतà¥à¤¨à¥€, दोनों की कà¥à¤£à¥à¤¡à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पूरà¥à¤£ संतानहीनता की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ हो तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संतान बाधा मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठनिमà¥à¤¨ उपाय करने चाहिà¤à¥¤ इसका परिणाम हमेशा सà¥à¤–द रहा है|
संतान गोपाल मंतà¥à¤° के शà¥à¤ मà¥à¤¹à¥‚रà¥à¤¤ में सवा लाख जप करें, साथ ही बालमà¥à¤•à¥à¤‚द à¤à¤—वान जी की पूजन करें। उनको माखन-मिशà¥à¤°à¥€ का à¤à¥‹à¤— लगाà¤à¤‚। गणपति का सà¥à¤®à¤°à¤£ करके शà¥à¤¦à¥à¤§ घी का दीपक पà¥à¤°à¤œà¥à¤œà¤µà¤²à¤¿à¤¤ करके निमà¥à¤¨ मंतà¥à¤° का जप करें।
| | ऊं कà¥à¤²à¥€à¤‚ देवकी सूत गोविंद वासà¥à¤¦à¥‡à¤µ जगतपते देहि मे, तनयं कृषà¥à¤£ तà¥à¤µà¤¾à¤®à¤¹à¤®à¥ शरणंगत: कà¥à¤²à¥€à¤‚ ऊं।। | |
यदि किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को संतान की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ नहीं हो रही है तो वह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· में अà¤à¤¿à¤®à¤‚तà¥à¤°à¤¿à¤¤ संतान गोपाल यंतà¥à¤° को अपने घर में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करे और लगातार 16 गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° के बà¥à¤°à¤¤ रखकर केले तथा पीपल के वृकà¥à¤· की सेवा करें उनमे दूध चीनी मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ जल चà¥à¤¾à¤à¤‚|
नवरातà¥à¤°à¤¿ में इस मंतà¥à¤° से दà¥à¤°à¥à¤—ा सपà¥à¤¤à¤¶à¤¤à¥€ का नवचंडी पाठका अनà¥à¤·à¥à¤ ान करना संतान सà¥à¤– देने वाला होता है|
| | सरà¥à¤µà¤¾ बाधा विनिरà¥à¤®à¥à¤•à¥à¤¤à¥‹ धन-धानà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥à¤µà¤¿à¤¤à¤ƒà¥¤
मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹ मतà¥à¤ªà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦à¥‡à¤¨, à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¤à¤¿ न शंसयः॥ | |
बाधक गà¥à¤°à¤¹à¥‹à¤‚ की कà¥à¤°à¥‚र व पापी गà¥à¤°à¤¹à¥‹à¤‚ की किरण रशà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पंचम à¤à¤¾à¤µ, पंचमेश तथा संतान कारक गà¥à¤°à¥ से हटाने के लिठरतà¥à¤¨à¥‹à¤‚ का विकलà¥à¤ª बेहद पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ रहता है। इस बात को समà¤à¤¨à¥‡ के लिठविशेषजà¥à¤ž आचारà¥à¤¯ की अनिवारà¥à¤¯à¤¤à¤¾ होती है ताकि वह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ कर सके कि किन गà¥à¤°à¤¹à¥‹à¤‚ के कारण संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ में बाधा आ रही है तथा किन गà¥à¤°à¤¹à¥‹à¤‚ की किरण रशà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•रà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने के लिठकैसे रतà¥à¤¨à¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाà¤à¥¤
जिन महिलाओं की संतान गरà¥à¤ में ही समापà¥à¤¤ हो जाती है वह मंगलवार के दिन इकà¥à¤•ीस पान के पते लाà¤à¤‚, उन पर सिंदूर से राम लिखें फिर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हनà¥à¤®à¤¾à¤¨ मंदिर ले जाकर लाल कपड़े में बांध लें, और बहते पानी में पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें, यह करने से आपका काम अवशà¥à¤¯ पूरà¥à¤£ होगा|
गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¹ पà¥à¤°à¤¦à¥‹à¤· के वà¥à¤°à¤¤ करें, पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पà¥à¤°à¤¦à¥‹à¤· को à¤à¤—वान शंकर का रà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• करने से संतान की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होती है|
जिन पति पतà¥à¤¨à¥€ के कोई संतान नहीं है वे किसी शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· के गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° को à¤à¤• पीतल की à¤à¤—वान लडà¥à¤¡à¥‚ गोपाल की मूरà¥à¤¤à¤¿ लाà¤à¤‚ और रोज उस मूरà¥à¤¤à¤¿ की उसी पà¥à¤°à¤•ार से सेवा करें जैसे माता-पिता अपनी संतान की सेवा करते हैं, रोज उस मूरà¥à¤¤à¤¿ को थाली के बीचो बीच रखकर सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराà¤à¤‚, वसà¥à¤¤à¥à¤° पहनाà¤à¤‚ और à¤à¥‹à¤— लगाकर फिर आप à¤à¥‹à¤œà¤¨ करें। जलà¥à¤¦à¥€ ही आपके घर में संतान की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होगी|
महिला में कमी के कारण संतान होने में बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो रही हो, तो लाल गाय व बछड़े की सेवा करनी चाहिà¤, लाल या à¤à¥‚रा कà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¾ पालना à¤à¥€ शà¥à¤ होता है|
पति-पतà¥à¤¨à¥€ गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° के दिन पीले वसà¥à¤¤à¥à¤° धारण करें और वà¥à¤°à¤¤ रखें, इस दिन पीली वसà¥à¤¤à¥à¤“ं का दान करें और पीला à¤à¥‹à¤œà¤¨ ही करें|
संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठमहिला गेंहू के आटे की दो मोटी लोई बनाकर उसमें à¤à¥€à¤—ी चने की दाल और थोड़ी सी हलà¥à¤¦à¥€ मिलाकर नियमपूरà¥à¤µà¤• गाय को खिलाà¤à¤‚, शीघà¥à¤° ही संतान उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ होगी|
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